प्राइवेट गाड़ी को टैक्सी बनाने के नियम (भारत)

Private Car to Commercial Taxi Conversion Rules in India

सीधे इस्तेमाल की अनुमति नहीं!

कानून के मुताबिक, कोई भी प्राइवेट गाड़ी वाला अपनी गाड़ी को सीधे **टैक्सी के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकता** है। आपकी **व्हाइट नंबर प्लेट** वाली गाड़ी केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए रजिस्टर्ड है।

✔️ कमर्शियल (Commercial) उपयोग के लिए ज़रूरी कदम

अगर आप अपनी प्राइवेट गाड़ी को **टैक्सी** या किसी भी व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आपको **RTO (Regional Transport Office)** से ये कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी करनी होंगी:

  1. गाड़ी का रजिस्ट्रेशन बदलवाना: आपको अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन 'प्राइवेट' से **'कमर्शियल'** श्रेणी में बदलवाना होगा।
  2. नंबर प्लेट बदलवाना: रजिस्ट्रेशन बदलते ही, आपकी व्हाइट नंबर प्लेट की जगह पीले रंग की कमर्शियल नंबर प्लेट लगवानी होगी।
  3. टैक्सी/कैब परमिट लेना: RTO से वाहन चलाने के लिए **वैध परमिट** प्राप्त करना अनिवार्य है।
  4. कमर्शियल इंश्योरेंस: आपको अपनी गाड़ी का **इंश्योरेंस** 'कमर्शियल कार इंश्योरेंस' में **बदलवाना** होगा। (प्राइवेट इंश्योरेंस, कमर्शियल उपयोग में मान्य नहीं होता)
  5. कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस: गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर के पास **कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (Commercial DL)** होना चाहिए।

नियम तोड़ने के परिणाम (Consequences)